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राष्ट्रीय

News by Neha   23 May, 2025 21:51 PM

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज जस्टिस अभय ओका ने शुक्रवार, 23 मई 2025 को अपने विदाई भाषण में सुप्रीम कोर्ट की कार्यशैली को लेकर अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में निर्णय प्रक्रिया अत्यधिक रूप से चीफ जस्टिस केंद्रित है और इसमें लोकतांत्रिक बदलाव की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए चीफ जस्टिस बीआर गवई इस दिशा में आवश्यक सुधार करेंगे।

'सुप्रीम कोर्ट की तुलना में हाइकोर्ट ज्यादा लोकतांत्रिक' 

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित विदाई समारोह में बोलते हुए जस्टिस ओका ने हाई कोर्ट की तुलना सुप्रीम कोर्ट से करते हुए कहा कि हाई कोर्ट ज्यादा लोकतांत्रिक तरीके से कार्य करता है। उन्होंने कहा, "हाई कोर्ट में समितियों के जरिए निर्णय होते हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट में सारी व्यवस्था मुख्य न्यायाधीश पर निर्भर है। यह तरीका अब बदलना चाहिए। मुझे विश्वास है कि जस्टिस गवई के नेतृत्व में बदलाव देखने को मिलेगा क्योंकि उनके स्वभाव में लोकतंत्र है।"

'ट्रायल कोर्ट की उपेक्षा करता है सुप्रीम कोर्ट ' 

जस्टिस ओका ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की भी सराहना की और कहा कि उन्होंने न्यायपालिका में पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। “जस्टिस खन्ना ने सुप्रीम कोर्ट के हर जज को निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया, जिससे पारदर्शिता और सामूहिकता को बढ़ावा मिला,” उन्होंने कहा।

अपने अनुभव साझा करते हुए जस्टिस ओका ने न्यायिक व्यवस्था की एक बड़ी चुनौती की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट, ट्रायल कोर्ट की उपेक्षा करते आए हैं। हमें ट्रायल और जिला अदालतों को अधीनस्थ नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था की रीढ़ समझना चाहिए। 20 साल बाद फैसला देना न्याय नहीं, अन्याय होता है।”

न्यायधीश बनना एक जीवनशैली है 

अपनी न्यायिक यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जज बनना न केवल एक पेशा, बल्कि एक जीवनशैली बन जाता है। 21 साल और 9 महीनों के लंबे करियर में उन्होंने कभी असहमति वाला फैसला नहीं लिखा। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका में काम की संतुष्टि, वकील के रूप में होने वाली आमदनी से कहीं अधिक मूल्यवान होती है।

जस्टिस ओका की यह विदाई न्यायपालिका में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक सुधार की बहस को नया आयाम दे गई है। अब सबकी निगाहें नए चीफ जस्टिस बीआर गवई पर टिकी हैं, जो इस परिवर्तन की अगुवाई कर सकते हैं।

 

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