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Himangi Sakhi: परी अखाड़े की प्रमुख और किन्नर कथावाचक हिमांगी सखी ने हाल ही में अपने बचपन की दर्दनाक कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे बचपन में माता-पिता को खोने के बाद उन्हें जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
हिमांगी ने कहा कि उनके माता-पिता ने लव मैरिज की थी। उनके पिता गुजराती थे और मां पंजाबी। इस वजह से रिश्तेदारों ने कभी उनकी मां को स्वीकार नहीं किया। पिता के अचानक निधन के बाद उनकी मां मानसिक रूप से अस्थिर हो गईं। मां की इस हालत में भी परिवार के किसी सदस्य ने मदद नहीं की।
सड़कों पर झूठा खाया
हिमांगी ने बताया, "मेरे पापा फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर थे और मम्मी डॉक्टर थीं। मैं अच्छे स्कूल में पढ़ती थी। लेकिन पापा के निधन के बाद मम्मी पूरी तरह टूट गईं। हमने कई बार परिवारवालों से मदद मांगी, लेकिन उन्होंने हमारी कोई परवाह नहीं की।"
इस मुश्किल दौर में हिमांगी और उनकी छोटी बहन को पढ़ाई छोड़नी पड़ी। उन्होंने बताया कि वे सड़कों पर पड़ा झूठा खाना खाने को मजबूर थीं। पड़ोसी अखबार में खाना लपेटकर फेंक देते थे, जिसे वे उठाकर खाती थीं।
बार बार रेप किया
हिमांगी ने अपने साथ हुए यौन शोषण का दर्द भी बयां किया। उन्होंने कहा, "पड़ोस के लड़के ने मेरा कई बार शारीरिक शोषण किया। उसके माता-पिता ने भी हमें मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया। वे हमें फ्री का नौकर समझते थे और घर के काम करवाते थे।"
जब उनकी मां का निधन हुआ, तो उन्हें इस बात का दुख भी था और राहत भी। उन्होंने कहा, "मां की हालत इतनी खराब थी कि मैं उनकी तकलीफ और नहीं देख सकती थी।" यह सब बताते हुए हिमांगी बेहद भावुक हो गईं और उनकी आंखों सेआंसू छलक पड़े।